Sir, The Bird Has Flown Away PART-2 HINDI
“सर, िचिड़या उड़ गई।”एक साधारण वा।एक साधारण सुबह।और जीवन की एक
असाधारण सीख।जब एक छोटी-सी िचिड़या ने उनके घर के भोजन-कक्ष की खड़की के
बाहर घोसं ला बनाया, तब डॉ. अिभषेक िगलारा ने कभी कना नही ंकी थी िक वह छोटी-सी
अितिथ उनकी सबसे महान िशिक्षकाओ ं में से एक बन जाएगी।कई साहो ं तक उोनं े और
उनके परवार ने उस िचिड़या को अपना घोसं ला बनाते, अंडे देते, अपने चूजो ं को पालते,
िनभर्य होकर उनकी रक्षा करते, उें उड़ना िसखाते और अंततः वहाँ से चले जाते हुए
देखा।लेिकन जो प्रकृ ित की एक साधारण कहानी जैसी िदखाई देती थी, उसने धीरे-धीरे यं
जीवन के बारे में गहरी सीखों को प्रकट िकया।सीखें:• आस के िबना कतर्
• अिधकार की भावना के िबना प्रेम• िनयंत्रण के िबना पालन-पोषण• ािम की भावना के िबना सफलता• अपेक्षा के िबना सेवा• छोड़ने
के माम से िवकास• जीवन के िनरंतर परवतर्नों में शांित खोजनागत अनुभवों, भगवद्गीता के कालातीत ज्ञान, प्रकृ ित से प्रा
िचंतन और आधुिनक जीवन के िलए ावहारक सीखों का सुंदर समय प्रुत करती द बडर् दैट टॉट मी लाइफ एक हृदयश रण
है िक कु छ महानतम स कक्षाओ ं या बोडर्रूम से नही ंआते।वे जीवन को शांित से और ानपूवर्क देखने से आते हैं।यह प्रेरणादायक
पुक आपको अपने रों, अपनी िजेदारयों, अपनी महाकांक्षाओं और यहाँ तक िक अपने रोज़मरार् के परवेश को भी एक अलग
दृिकोण से देखने के िलए प्रेरत करेगी।ोिं क कभी-कभी एक छोटी-सी िचिड़या वह िसखा सकती है, जो वष की िशक्षा भी नही ं िसखा
सकती।िनमार्ण करो।प्रेम करो।सेवा करो।छोड़ना सीखो।और तंत्र होकर जीना सीखो।
































