REWRITING A 100-YEAR LEGACY part- 5 (HINDI)
रीराइिटंग ए 100-ईयर लेगेसी (REWRITING A 100-YEAR LEGACY) ेन
टेिडशन वेंट पक (When Tradition Went Public)भाग – V हमने ऐसी टीम कै से
बनाई, जो अपने अकनीय परणामो ंसे आज भी दुिनया को आयर्चिकत करती है
ा कारण है िक कोई परवार एक शताी से भी अिधक समय तक एकजुट बना रहता है?
एक पारंपरक वसाय अपनी आा खोए िबना एक सावर्जिनक सूचीबद्ध (पक िलेड)
कं पनी में कै से परवितर्त हो जाता है? एक ऐसी कं पनी, िजसकी नीवं सौ वषर् पुराने मूो ं पर
रखी गई हो, उस पर िनवेशकों ने इतना असाधारण िवास ों िकया? और एक ही
परवार पाँच पीिढ़यों तक लगातार नए नेताओं का िनमार्ण कै से करता रहता है? “रीराइिटंग
ए 100-ईयर लेगेसी” श्रृंखला के इस प्रेरणादायक पाँचवें भाग में, डॉ. अिभषेक िगलारा उस
दशर्न, सं ृ ित और नेतृ के िसद्धांतो ं को साझा करते हैं, िजोनं े भारत की सबसे ायी
और प्रेरणादायक पारवारक ावसाियक यात्राओं में से एक को आकार िदया।
एक िहन्दू संयु परवार में बड़े होने के अपने अनुभवो,ं एक शताी पुराने आभूषण वसाय का नेतृ करने, पाँचवी ंपीढ़ी को नेतृ
के िलए तैयार करने तथा भारतीय आभूषण उद्योग की सबसे उेखनीय आईपीओ यात्राओं में से एक का प्रक्ष अनुभव करने के आधार
पर वे यह करते हैं िक असाधारण टीमें कभी संयोगवश िनिमर्त नही ं होती—ं वे अनुशासन, िवास, िवनम्रता, साझा मूो ंऔर एक
समान उद्दे के आधार पर िनिमर्त की जाती हैं।इस पुक में आप जानेंगे : • ों संृित (Culture) सदैव रणनीित (Strategy) से
अिधक समय तक जीिवत रहती है। • िहन्दू दशर्न में िनिहत नेतृ के वे कालजयी िसद्धांत, जो आज भी उतने ही प्रासंिगक हैं।• िकस
प्रकार संयु परवार के मू िवरीय संगठनो ंका िनमार्ण कर सकते हैं।• नेतृ की शुरुआत बोडर्रूम में नही,ं ब बचपन से ो ं
होती है।• उस टीम के िनमार्ण की वािवक कहानी, िजसने िनवेशकों, कमर्चारयों, ग्राहकों और समाज—सभी का िवास अिजर्त िकया।
• ऐसी संाओ ं के िनमार्ण के ावहारक िसद्धांत, जो के वल दशको ं तक नही,ं ब पीिढ़यो ं तक जीिवत रहती हैं।यह के वल वसाय
पर आधारत पुक नही ं है।यह लोगो ं पर आधारत पुक है।यह चरत्र पर आधारत नेतृ की पुक है।यह नवाचार को अपनाते
हुए परंपरा को सुरिक्षत रखने की पुक है।और सबसे महपूणर्, यह इस स को िसद्ध करने वाली पुक है िक महान संाओं का
िनमार्ण असाधारण यो ं द्वारा नही,ं ब उन साधारण लोगो ं द्वारा होता है, जो असाधारण मूो ं से एकजुट रहते हैं।यिद आप ऐसा
वसाय बनाना चाहते हैं जो पीिढ़यों तक जीिवत रहे...यिद आप अनुयािययों के ान पर नेताओं का िनमार्ण करना चाहते हैं...और यिद
आप ऐसी िवरासत का िनमार्ण करना चाहते हैं, जो प्रेक बीतते वषर् के साथ और अिधक सश होती जाए...तो यह पुक आपके
िलए के वल प्रेरणा ही नही,ं ब एक मागर्दशर्क भी िसद्ध होगी।“कोई कं पनी के वल एक िदन में सावर्जिनक (Public) हो सकती है,
लेिकन सावर्जिनक िवास के यो टीम का िनमार्ण करने में पीिढ़याँ लग जाती हैं।”
































