RAM HAS ALREADY WRITTEN IT (hindi)
ा होगा यिद िजस चीज़ की आप पूरी िज़ंदगी खोज करते रहे हैं, वह शुरू से ही आपके
भीतर मौजूद हो? एक खुरदरा हीरा साधारण िदखाई देता है। वह धूल से ढका हो सकता
है। चट्टानों की परतों के नीचे िछपा हो सकता है। दुिनया द्वारा अनदेखा िकया जा सकता है।
िफर भी उसका मू कभी उसके बाहरी रूप पर िनभर्र नही ंकरता। वह इस बात पर िनभर्र
करता है िक उसके भीतर ा है। ठीक उसी प्रकार आपका मू भी। The Diamond
Within में डॉ. अिभषेक िगलारा पाठकों को आ-खोज की एक प्रेरणादायक यात्रा पर ले
जाते हैं और यह प्रकट करते हैं िक हमारा पारवारक परवेश, वतर्मान ित, असफलताएँ
या पहचान कभी भी हमारे वािवक मू का िनधार्रण नही ंकरते।
प्रेरणादायक कथाओं, भगवद्गीता की कालातीत िशक्षाओं, रामायण और महाभारत से प्रा जीवन-पाठों, प्रकृ ित से िमले गहन संदेशों और
ावहारक जीवन-अनुभवों के माम से यह पुक िदखाती है िक गुरु, अनुशासन, िवपरीत परितयाँ और िवास िकस प्रकार वे
महान िशकार बनते हैं जो प्रेक मनु के भीतर िछपी हुई िद चमक को तराशते हैं। यह के वल सफलता पर आधारत पुक
नही ं है। यह उद्दे खोजने, चरत्र िनमार्ण करने, धैयर् और दृढ़ता िवकिसत करने, दूसरो ं की सेवा करने तथा भगवान और यं के साथ
गहरे संबंध के माम से ायी आनंद प्रा करने का मागर्दशर्क है। चाहे आप िदशा खोज रहा एक िवद्याथ हों… अपना वसाय खड़ा
कर रहा एक उद्यमी हों… लोगों का िनमार्ण कर रहा एक नेता हों… श्रेता की ओर बढ़ता हुआ एक पेशेवर हों… या के वल एक अिधक
अथर्पूणर् जीवन की खोज में लगे हुए हों… ये पृ आपको एक अिवरणीय स का रण कराएँगे— आपका आकार आपकी
चमक का िनणर्य नही ंकरता। आपकी कटाई, तराश, गुरु, अनुशासन और उद्दे आपकी चमक का िनणर्य करते हैं। ोिं क संसार
को िकसी और की एक और प्रितिलिप की आवकता नही ं है। वह उस हीरे की प्रतीक्षा कर रहा है जो के वल आप बन सकते हैं। इस
पुक को खोिलए। यात्रा प्रारंभ कीिजए। अपने भीतर के हीरे को खोिजए।
































