Keep Your Mind Busy in God (hindi)
मन को सही िदशा में रखए — मन कभी नही ं रुकता। प्र के वल इतना है—वह
िकसके बारे में सोच रहा है? आपका मन हर क्षण सिक्रय रहता है। जब आपका शरीर
िवश्राम कर रहा होता है, तब भी वह सोचता है, योजनाएँ बनाता है, रण करता है, कना
करता है, िचंता करता है और सृजन करता रहता है। मन कभी खाली नही ं रहता, और उसमें
जो बार-बार ान पाता है, वही अंततः आपके चरत्र, आपके िनणर्यो,ं आपकी आदतो ंऔर
आपके भा का िनमार्ण करता है। इस गहन, प्रेरणादायक और अंत ावहारक पुक
में डॉ. अिभषेक िगलारा मानव जीवन के एक महान स को सरल और प्रभावशाली ढंग से
प्रुत करते हैं—आप अंततः वही बन जाते हैं, िजसका आप बार-बार िचंतन करते हैं।
भगवद्गीता, रामायण, सनातन दशर्न, मनोिवज्ञान, गत अनुभवों, ावसाियक जीवन की सीखों और आधुिनक जीवन के उदाहरणों
के माम से यह पुक बताती है िक ईर-रण के वल एक धािमर्क अनुान नही,ं ब मानिसक रूपांतरण का एक गहन वैज्ञािनक
िसद्धांत है। इसमें आप जानेंगे िक मन िकस प्रकार आपके अनुभवों की दुिनया का िनमार्ण करता है, नाम-जप के पीछे िछपा आाक
एवं मनोवैज्ञािनक िवज्ञान ा है, कै से िवचार आदत बनते हैं, आदतें चरत्र बनाती हैं और चरत्र भा का िनमार्ण करता है, ों भगवान
श्रीराम, भगवान श्रीकृ और श्रीहनुमान जी आज भी मानव उृ ता के कालजयी आदशर् हैं, िवकषर्णों से भरी दुिनया में अपने मानिसक
ान की रक्षा कै से करें, वसाय, परवार और दैिनक उरदािय िनभाते हुए भी ईर का िनरंतर रण कै से बनाए रखें, तथा कै से िद
रण भय को श्रद्धा में, भ्रम को ता में और कमजोरी को श में बदल देता है। चाहे आप एक उद्यमी हों, िवद्याथ, ावसाियक
जीवन से जुड़े हों, माता-िपता, नेता या आाक साधक—यह पुक आपको एक जीवन-परवतर्नकारी संदेश देती है: मन सदैव
रहेगा, इसिलए उसे सही िदशा में रखए। जब मन उद्दे, सेवा, िवकास, कृ तज्ञता, धमर् और ईर से भर जाता है, तब सांसारक
सफलता और आाक पूणर्ता एक ही िदशा में चलने लगती हैं। यह पुक मन पर िवजय पाने, चरत्र को सश बनाने तथा उद्दे,
शांित और िद चेतना से परपूणर् जीवन जीने की एक ावहारक मागर्दिशर्का है।
































